31 जनवरी 2011

........मशहूर शाइर जनाब अनवर नदीम के चंद अशआर.....


मशहूर शाइर जनाब अनवर नदीम की आवाज़ में उनके चंद अशआर
सुनिए।


वीडियो-पार्ट-1


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वीडियो-पार्ट-2


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29 टिप्‍पणियां:

  1. अति उत्तम ...आपका शुक्रिया ..पर शीर्षक पर ध्यान दें ...शायर

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  2. वाह वाह सारे विडियोज व अशआर बेहतरीन है
    शेयर करने के लिए धन्यवाद

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  3. केवल राम जी! आपकी सलाह पर ध्यान दिया है। उ०प्र० हिंदी संस्थान द्वारा प्रकाशित मुहमद्द मुस्त्फ़ा खाँ ’मद्दाह’ द्वारा संपादित ’उर्दू-हिंदी शब्दकोश’ में उक्त शब्द की वर्तनी पृष्ठ संख्या 635 पर ’शाइर’ ही लिखी है।

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  4. प्रिय भाई डा० डंडा लखनवी जी ,
    बहुत प्यारा लगा ..
    बहुत-बहुत आभार !

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  5. वाह सारे विडियोज व अशआर बेहतरीन है| धन्यवाद|

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  6. bade itminan ke saath sunati rahi ,badi rahat pahunchi umda kalam ko sunkar ,tahe dil se shukriyaan karti hoon aapko .

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  7. जनाब अनवर नदीम के सुन्दर अशआर सुनवाने के लिए शुक्रिया !

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  8. आद. डा. डंडा जी!
    आप द्वारा लिखा गया शब्द 'शाइर' एक दम सही है !
    -ज्ञानचंद मर्मज्ञ

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  9. आपके ब्लाग पर मशहूर शाइर जनाब अनवर नदीम जी के अशआर सुनकर बहुत अच्छा लगा ।

    मेरे ब्लाग पर आकर मार्गदर्शन के लिये शुक्रिया । कोशिश रहेगी कि अपना लेख और सुधार पाऊँ । आभार ।

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  10. पहली बार सुन रहा हूँ. बहुत ही अच्छा लगा. सुंदर प्रस्तुति. आपका ब्लॉग बहुत ही अच्छा है व सारी पोस्ट बहुत ही बेहतरीन है. .

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  11. आदरणीय डा साहब,
    इस नाचीज़ के ब्लॉग में सौजन्य टीप देकर हौसला आफजाई करने के लिए दिल से शुक्रिया.
    आपके ब्लॉग में कुछ वक़्त से हूँ आपको सुना और पढ़ा भी.... बहुत अच्छा लगा...खुसकिस्मती मेरी कि मैं यहाँ तक आ सका. आपसे रहनुमाई करते रहने की गुजारिश के साथ... शुक्रिया.

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  12. बेहतरीन शेर ... लाजवाब अशार हैं ..
    शुक्रिया आपका ....

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  13. हर शब्दत में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्तुति ।

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  14. बहुत सुन्दर विडियो लिंक है सर
    और आप की रचनाये भी बहुत अच्छी हैं

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  15. डा० साहेब ! बहुत गजलें सुनने को मिली ,

    धन्यवाद !बसंत पंचमी की बधाई

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  16. aadarniy sir
    sadar pranam
    sarvpratham mera utsaah -vardhan karne ke liye
    aapko dharon naman. mere blog par aapka aana hi mere blog ki shibha badhata hai.yah mere liye bade soubhagy ki baat hai.
    pahli bar yah gazal sun rahi hun bahut bahut pasand aai.vaise bhi mujhe gazal bahut hi achhe lagte hain.aapki pichhli post bhi padhi maine bilkul sarthak baat kahi hai aapne.jaldbaazi me aisi bahut si baate chhoot jaati hain jo us samay gyat nahi ho paati.
    sahi marg -darshan karne ke liye aapko punah charan-sparsh.
    sadar dhanyvaad- sahit----
    poonam

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  17. बहुत ही अच्छा शेर!


    एक निवेदन:-
    मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष, जो मार्ग की शोभा बढ़ाता है, पथिकों को गर्मी से राहत देता है तथा सभी प्राणियों के लिये प्राणवायु का संचार करता है। वर्तमान में हमारे समक्ष अस्तित्व का संकट उपस्थित है। हमारी अनेक प्रजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं तथा अनेक लुप्त होने के कगार पर हैं। दैनंदिन हमारी संख्या घटती जा रही है। हम मानवता के अभिन्न मित्र हैं। मात्र मानव ही नहीं अपितु समस्त पर्यावरण प्रत्यक्षतः अथवा परोक्षतः मुझसे सम्बद्ध है। चूंकि आप मानव हैं, इस धरा पर अवस्थित सबसे बुद्धिमान् प्राणी हैं, अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी रक्षा के लिये, हमारी प्रजातियों के संवर्द्धन, पुष्पन, पल्लवन एवं संरक्षण के लिये एक कदम बढ़ायें। वृक्षारोपण करें। प्रत्येक मांगलिक अवसर यथा जन्मदिन, विवाह, सन्तानप्राप्ति आदि पर एक वृक्ष अवश्य रोपें तथा उसकी देखभाल करें। एक-एक पग से मार्ग बनता है, एक-एक वृक्ष से वन, एक-एक बिन्दु से सागर, अतः आपका एक कदम हमारे संरक्षण के लिये अति महत्त्वपूर्ण है।

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  18. मान्यवर!

    आप "वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर" पर आअये, टिप्पणी की....एवं अनुसरण भी किया.......आपके इस कार्य से हमारा उत्साहवर्द्धन हुआ।
    इसी तरह आप जैसे पर्यावरण मित्रों की शुभकामनाओं एवम् सहयोग की आवश्यकता है है ताकि कुछ कल्याण हो सके इस जगती का.


    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  19. डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने विवाह की वर्षगाँठ के अवसर पर किया पौधारोपण
    डॉ. दिव्या श्रीवास्तव जी ने विवाह की वर्षगाँठ के अवसर पर तुलसी एवं गुलाब का रोपण किया है। उनका यह महत्त्वपूर्ण योगदान उनके प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता एवं समर्पण को दर्शाता है। वे एक सक्रिय ब्लॉग लेखिका, एक डॉक्टर, के साथ- साथ प्रकृति-संरक्षण के पुनीत कार्य के प्रति भी समर्पित हैं।
    “वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर” एवं पूरे ब्लॉग परिवार की ओर से दिव्या जी एवं समीर जीको स्वाभिमान, सुख, शान्ति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि के पञ्चामृत से पूरित मधुर एवं प्रेममय वैवाहिक जीवन के लिये हार्दिक शुभकामनायें।

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  20. डॉ. डंडा लखनवी जी के दो दोहे

    माननीय डॉ. डंडा लखनवी जी ने वृक्ष लगाने वाले प्रकृतिप्रेमियों को प्रोत्साहित करते हुए लिखा है-

    इन्हें कारखाना कहें, अथवा लघु उद्योग।
    प्राण-वायु के जनक ये, अद्भुत इनके योग॥

    वृक्ष रोप करके किया, खुद पर भी उपकार।
    पुण्य आगमन का खुला, एक अनूठा द्वार॥

    इस अमूल्य टिप्पणी के लिये हम उनके आभारी हैं।
    http://dandalakhnavi.blogspot.com/

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  21. aapke sujhao bahut upyogi rahe ,aage se is raste chalne ki koshish rahegi ,isi tarah sahi maargdarshan milta rahe to main dhnya ho jaungi ,aur gyan se jeevan ko raushan kar paungi .dil se shukriyan karti hoon aapka .

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  22. आप सब को महाशिवरात्री की हार्दिक मंगलकामनाएं.

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