01 मार्च 2010

नेचर का देखो फैशन शो-

                                                                     -डॉ० डंडा लखनवी

क्या       फागुन     की   फगुनाई    है।
हर     तरफ      प्रकृति      बौराई है।।
संपूर्ण        में      सृष्टि         मादकता -
हो      रही      फिरी    सप्लाई    है।।1

धरती       पर     नूतन       वर्दी    है।
ख़ामोश      हो      गई       सर्दी    है।।
भौरों      की      देखो     खाट      खड़ी-
कलियों       में   गुण्डागर्दी       है।।2

एनीमल      करते      ताक   -  झांक।
चल      रहा     वनों    में   कैटवाक।।
नेचर      का      देखो     फैशन     शो-
माडलिंग   कर   रहे   हैं  पिकाक।।3

मनहूसी           मटियामेट          लगे।
खच्चर      भी       अपटूडेट       लगे।।
फागुन      में      काला    कौआ     भी-
सीनियर        एडवोकेट        लगे  ।।4

उस      सज्जन    से  अब आप मिलो।
एक   ही      टाँग    पर     जाता  सो ।।
पहने     रहता     है      धवल      कोट-
वह बगुला  अथवा सी0  एम0  ओ0।।5

इस   ऋतु     में     नित   चौराहों पर।
पैंनाता       सीघों     को       आकर।।
उसको   मत     कहिए   साँड     आप-
फागुन  में  वही  पुलिस  अफसर।।6

गालों      में         भरे     गिलौरे    हैं।
पड़ते    इन      पर    लव’  दौरे  हैं।।
देखो      तो       इनका     उभय   रूप-
छिन  में   कवि, छिन   में  भौंरे हैं।।7

जय    हो   कविता    कालिंदी   की।
जय    रंग -  रंगीली   बिंदी      की।।
मेकॅप   में    वाह   तितलियाँ     भी-
लगतीं    कवयित्री    हिंदी      की।8

ये      मौसम     की    अंगड़ाई    है।
मक्खी    तक    बटरफ्लाई     है ।।
घोषणा   कर    रहे   गधे        सुनो-
इंसान       हमारा      भाई       है।।9
                                      सचलभाष-09336089753

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपको तथा आपके परिवार को होली की शुभकामनाएँ.nice

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  2. जय हो कविता कालिंदी की।
    जय रंग - रंगीली बिंदी की।।
    मेकॅप में वाह तितलियाँ भी-
    लगतीं कवयित्री हिंदी की।8

    ये मौसम की अंगड़ाई है।
    मक्खी तक बटरफ्लाई है ।।
    घोषणा कर रहे गधे सुनो-
    इंसान हमारा भाई है।
    हा हा हा वाह वाह बहुत खूब। बहुत अच्छी लगी आपकी रचना होली की आपको व परिवार को हार्दिक शुभकामनायें

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  3. वाह सर क्या खुब लिखते हैं....अब तो लगता है यह भाषा खोती सी जा रही है...

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