10 अप्रैल 2010

सबकी नाक

मानव
शरीर का एक
बेहतरीन अंग है-नाक ।
किसी की नाक फुलौरी जैसी,
किसी की गुलगुले जैसी, किसी की नीबू 
जैसी तथा किसी की चीकू जैसी । छोटे-बड़े 
कद  के  भाँति - भाँति के लोग और भाँति - भाँति 
प्रकार की नाक । इसकी सुरक्षा कितना बढ़िया कुदरती
इंतिजाम है| .........................................................................


  सबकी नाक
 
नाक की महिमा निराली,
नाक   है   तो  धाक   है।
नाक    नीची   हो    गई
समझो  प्रतिष्ठा खाक है।।
कोई   चीकू    समझ  कर
इसको  न  ले  जाए उड़ा-
इसलिए     आँखों    तले
मौजूद  सबकी  नाक है।।





2 टिप्‍पणियां:

  1. लाजवाब रचना...डंडा जी हमें भी हमारी पकोड़े सी नाक ने मरवा दिया वर्ना अमिताभ की जगह आज हम होते...
    नीरज

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